Combine Harvester: 'कटाई का राजा' – कीमत, सब्सिडी और पूरी जानकारी (2026)

Combine Harvester: 'कटाई का राजा' – कीमत, सब्सिडी और पूरी जानकारी (2026) 



भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहाँ खेती में समय की बहुत कीमत है। जब फसल पककर तैयार होती है, तो उसे सही समय पर काटना और मंडी पहुँचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। यहीं काम आता है खेतों का असली बाहुबली – कंबाइन हार्वेस्टर (Combine Harvester)

इसे 'कटाई का राजा' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह एक साथ तीन काम करता है और हफ्तों का काम घंटों में निपटा देता है। आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कंबाइन हार्वेस्टर के प्रकार, कीमत और सरकार द्वारा दी जाने वाली बंपर सब्सिडी के बारे में।


कंबाइन हार्वेस्टर क्या है और कैसे काम करता है?

कंबाइन हार्वेस्टर एक ऐसी मशीन है जो फसल की कटाई, मड़ाई (Threshing) और सफाई (Winnowing) एक ही प्रोसेस में करती है। इसका नाम 'कंबाइन' (Combine) इसीलिए पड़ा क्योंकि यह तीन ऑपरेशन्स को 'कंबाइन' (जोड़कर) करती है:

  1. रीपिंग (Reaping): फसल को जड़ से काटना।

  2. थ्रेशिंग (Threshing): दाने को भूसे/डंठल से अलग करना।

  3. विनोइंग (Winnowing): दाने को साफ करके टैंक में जमा करना।

यह मशीन गेहूँ, धान, सोयाबीन, सरसों, सूरजमुखी और दालों जैसी फसलों के लिए वरदान है।


कंबाइन हार्वेस्टर के प्रकार (Types of Combine Harvesters)

भारतीय बाजारों में मुख्य रूप से दो प्रकार की कंबाइन उपलब्ध हैं:

1. सेल्फ-प्रोपेल्ड कंबाइन (Self-Propelled Combine)

यह सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। इसमें अपना खुद का शक्तिशाली इंजन (जैसे अशोक लेलैंड या टाटा) लगा होता है। यह बड़े खेतों के लिए बेस्ट है।

  • फायदे: तेज़ रफ्तार, ज्यादा पावर, और गीली मिट्टी में भी काम करने में सक्षम (खासकर 4x4 मॉडल)।

  • उदाहरण: करतार 4000, प्रीत 987, सिमरन 676, क्लास क्रॉप टाइगर।

2. ट्रैक्टर माउंटेड कंबाइन (Tractor Mounted Combine)

यह मशीन ट्रैक्टर के साथ अटैच होकर चलती है। जिनके पास पहले से बड़ा ट्रैक्टर (50-60 HP) है, वे इसे खरीद सकते हैं।

  • फायदे: कीमत कम होती है और सीजन खत्म होने पर ट्रैक्टर को अलग करके दूसरे कामों में लिया जा सकता है।

कीमत (Price Range 2026)

कंबाइन हार्वेस्टर की कीमत उसके फीचर्स (AC केबिन, 4x4 ड्राइव, टायर साइज) पर निर्भर करती है।

  • सेल्फ-प्रोपेल्ड (Self-Propelled): ₹24 लाख से ₹35 लाख तक।

  • ट्रैक्टर माउंटेड (Tractor Mounted): ₹8 लाख से ₹15 लाख तक (बिना ट्रैक्टर के)।

  • (नोट: सटीक कीमत के लिए अपने नजदीकी डीलर से संपर्क करें)

सब्सिडी की जानकारी (Subsidy Information) – सबसे महत्वपूर्ण

चूंकि कंबाइन एक महंगी मशीन है, भारत सरकार SMAM (Sub-Mission on Agricultural Mechanization) योजना के तहत किसानों को भारी छूट देती है।

सब्सिडी कितनी मिलती है?

  • व्यक्तिगत किसान (General Category): मशीन की लागत का 40% तक।

  • SC/ST/महिला/लघु किसान: मशीन की लागत का 50% तक।

  • कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC): अगर आप गाँव के 8-10 किसानों का समूह बनाकर (FPO/SHG) मशीन लेते हैं, तो आपको 80% तक सब्सिडी मिल सकती है।

आवेदन के लिए दस्तावेज़ (Documents Required)

  1. आधार कार्ड (Aadhaar Card)

  2. पैन कार्ड (PAN Card)

  3. जमीन की फर्द/जमाबंदी (Land Proof)

  4. बैंक पासबुक (Bank Details)

  5. पासपोर्ट साइज फोटो

  6. जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

आवेदन कैसे करें?

आप केंद्र सरकार के पोर्टल agrimachinery.nic.in पर या अपने राज्य के कृषि विभाग के पोर्टल (जैसे पंजाब में https://www.google.com/search?q=agrimachinerypb.com) पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन स्वीकृत होने के बाद ही मशीन खरीदें।


निष्कर्ष (Conclusion)

कंबाइन हार्वेस्टर सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि खेती का एक बिज़नेस है। अगर आप किराए पर भी चलाते हैं, तो एक सीजन में ही लाखों की कमाई कर सकते हैं। सही कंपनी चुनें, सब्सिडी का लाभ उठाएं और अपनी खेती को आधुनिक बनाएं।

"खेती में तरक्की तभी आएगी, जब मशीनरी साथ निभाएगी


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